Wednesday, May 21, 2008

अधिवेशन के लिए आमंत्रण

प्रिय साथी,

क्रांतिकारी जयभीम,
हमें आपको सूचित करते हुए खुशी हो रही हैं कि दलित लेखक संघ अपना तीसरा अधिवेशन 1 और 2 जून 2008 को करने जा रहा है. यह अधिवेशन दलित लेखक संघ प्रत्येक दो वर्ष बाद आयोजित करता है. आपको जानकर हर्ष होगा कि इस अधिवेशन में देशभर के कोने-कोने से आए दलित- गैरदलित साहित्यकार, बुद्धिजीवी, तथा सामाजिक कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं. हमें विश्वास है कि पिछले अधिवेशन की तरह ही दलेस के इस अधिवेशन में भी हमें आपस में मिल-बैठकर विभिन्न वैचारिक, साहित्यिक, और सामाजिक मुद्दों पर आपसी समझदारी विकसित करने का मौका मिलेगा तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों मे चल रही साहित्यिक तथा सामाजिक गतिविधियों से भी रूबरू होने का अवसर प्राप्त होगा.
1991 से शुरु हुए भूमंडलीकरण ने जहाँ एक और पूंजीपतियों, नवधनाढ्यों, अभिजात्य वर्ग और उच्च जातीय समाज के लिए खुला बाजार, तरक्की के अनेक रास्ते सुनिश्चित किए हैं वही दूसरी ओर भूमंडलीकरण ने दलित वंचित शोषित वर्ग के हाथों से निवाला छीनने का काम किया हैं. आज भूमंडलीकरण उनके सामने एक नई चुनौती के रूप में खडा हैं. दलित-आदिवासी-अल्पसंख्यक वर्ग की पहुँच से दूर होते राजकीय संसाधन और कम होते अवसर के साथ आज उससे उसके जल, जंगल, जमीन छीने जा रहे हैं. सम्पूर्ण सामाजिक विकास के विरुद्ध वैयक्तिक विकास को ही पूर्ण विकास का पैमाना मानने की गहरी चाल चली जा रही है. इस वैयक्तिकवाद के विस्तार के चलते ही अस्मिता-संघर्ष एक बडे संकट के रूप मे उभर कर आया है, अस्मिता के संघर्ष ने जहाँ एक ओर लोगों को अपनी वर्गीय, लैंगिक और जातीय चेतना दी है वही दूसरी ओर अस्मिताओं की सामूहिक और आपसी एकता को भी खतरे में डाला है. आज अस्मिताओं की लडाई अपनी-अपनी अस्मिताओं के वर्चस्व कायम करने की लडाई में तब्दील होती हुई नजर आ रही है.
दलित लेखक संघ द्वारा आयोजित द्विवार्षिक अधिवेशन की कोशिश भी इन्हीं ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा करते हुए आपसी समझदारी बनाने का प्रयास करना है. अधिवेशन का केन्द्रीय विषय- 'भूमंडलीकरण के दौर मे अस्मिताओं का संकट' है. कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है.
स्थान दिल्ली समाज कार्य विद्यालय सभागार, दिल्ली विश्वविद्यालय माल रोड (विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास), दिल्ली-110007
तिथि - 1 - 2 जून 2008,
समय- प्रात - 9.30 से आरंभ.

अधिवेशन में आप सादर आमंत्रित हैं. हमारे लिए आपकी उपस्थिति प्रार्थनीय है.

विशेष- हम निमंत्रण-पत्र के साथ आपको दलित लेखक संघ की छमाही रिपोर्ट भी भेज रहे हैं, आपसे अनुरोध है कि आप अपनी पत्र-पत्रिकाओं में इसे छापने का कष्ट करें.
भवदीय,
अनिता भारती
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महासचिव, दलित लेखक संघ
सम्पर्क- 9968297866, 9899700767, 011-20262114.

3 comments:

वेद प्रकाश said...

दलित लेखक संघ का ब्लाग देख कर बड़ी खुशी हुई.

आपको इसके लिए बहुत बहुत बधाई.

Arun Gautam said...

बाबू राम वागुल के अकस्मात परिनिर्वाण पर मैं उनको श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ
हमने आज मराठी दलित साहित्य का एक आधार स्तंभ खो दिया ।

ए.के.गौतम
akgautam@indiatimes.com

Arun Gautam said...

अधिवेशन के सफल आयोजन की बधाई ! अधिवेशन रिपोर्ट की प्रतीक्षा में ।
शुभकामनाओं सहित

अरुण कुमार गौतम
akgautam@inditimes.com